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सà¥à¤¤à¤¨ पान विधि
शिशॠके जनà¥à¤® के फौरन बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ कर देना चाहिà¤à¥¤ जनà¥à¤® के ततà¥à¤•ाल बाद नगà¥à¤¨ शिशॠको (उसके शरीर को कोमलता से सà¥à¤–ाने के बाद) उसकी मां की गोद में देना चाहिà¤à¥¤ मां उसे अपने सà¥à¤¤à¤¨ के पास ले जाये, ताकि तà¥à¤µà¤šà¤¾ से संपरà¥à¤• हो सके। इससे दूध का बहाव ठीक होता है और शिशॠको गरà¥à¤®à¥€ मिलती है। इससे मां और शिशॠके बीच à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• संबंध विकसित होता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जलà¥à¤¦à¥€ आरंठकरने के चार पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• कारण हैं
शिशॠपहले 30 से 60 मिनट के दौरान सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहता है।
उस समय उसके चूसने की शकà¥à¤¤à¤¿ सबसे अधिक रहती है।
जलà¥à¤¦à¥€ शà¥à¤°à¥‚ करने से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की सफलता की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। सà¥à¤¤à¤¨ से निकलने वाला पीले रंग का दà¥à¤°à¤µ, जिसे कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® कहते हैं, शिशॠको संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने और उसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत करने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ उपाय है। यह à¤à¤• टीका है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ ततà¥à¤•ाल शà¥à¤°à¥‚ करने से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सूजन या पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ की शिकायत नहीं होती।
शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ से शिशॠजनà¥à¤® देनेवाली माताà¤à¤‚ à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा सकती हैं। यह शलà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आपकी सफल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर असर नहीं डालती है।
शलà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के चार घंटे बाद या à¤à¤¨à¥€à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से बाहर आने के बाद आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा सकती हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के लिठआप अपने शरीर को à¤à¤• करवट में à¤à¥à¤•ा सकती हैं या फिर अपने शिशॠको अपने पेट पर लिटा कर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा सकती हैं।
सीजेरियन विधि से शिशॠको जनà¥à¤® देनेवाली माताà¤à¤ पहले कà¥à¤› दिन तक नरà¥à¤¸ की मदद से अपने शिशॠको सफलतापूरà¥à¤µà¤• सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा सकती हैं।
कब तक
साधारणतया कम से कम छह महीने तक शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना चाहिठऔर उसके बाद दो साल या उसके बाद तक à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराया जा सकता है। माता के बीमार होनेपर à¤à¥€ शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना जरूरी होता है। आमतौर पर साधारण बीमारियों से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करनेवाले शिशॠको कोई नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चता। यहां तक कि टायफायड, मलेरिया, यकà¥à¤·à¥à¤®à¤¾, पीलिया और कà¥à¤·à¥à¤ रोग में à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ पर रोक लगाने की सलाह नहीं दी जाती है।
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